चाँद की रोशनी में भी,
ना जाने कैसा सुरूर होते है ||
हम जिसे भी चाहते है,
वो अक्सर हमसे दूर होता है ||
अक्सर हमसे दूर होता है ||
अक्सर हमसे दूर होता है ||
अक्सर हमसे दूर होता है ||
अक्सर हमसे दूर होता है ||
शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
कितनी शिद्दत से हम उन्हें याद करते हैं,
और एक वो हैं जिन्हें ये सब मजाक लगता है।
अक्सर हमसे दूर होता है ||
अक्सर हमसे दूर होता है ||
अक्सर हमसे दूर होता है ||
अक्सर हमसे दूर होता है ||
हकीकत कहो तो उन्हें ख्वाब लगता है,
शिकवा करो तो उन्हें मज़ाक लगता है,
कितनी शिद्दत से हम उन्हें याद करते हैं,
और एक वो हैं जिन्हें ये सब मजाक लगता है।
आज आपकी रात की अच्छी शुरुआत हो, रात भर खूबसूरत सपनो की बरसात हो, जिन्हें आपकी निगाहे हर वक्त ढूंढती रहती हैं, खुदा करे आपसे उनकी सपनो में मुलाकात हो।
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